बीते 5 वर्षों में बिहार में शेयर बाजार में निवेश का जोश गजब का देखने को मिला है। जहां साल 2020 में केवल 7 लाख लोग शेयर बाजार से जुड़े थे, वहीं 2025 तक यह आंकड़ा 57 लाख को पार कर गया है। यानी बिहार ने इस दौरान शेयर बाजार में निवेश के क्षेत्र में बेमिसाल छलांग लगाई है।
लेकिन सवाल उठता है कि बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में इस दौर का असर कितना पड़ा? क्या वहां भी लोगों में शेयर बाजार को लेकर उतनी ही दिलचस्पी देखी गई?
झारखंड में निवेशकों की स्थितिनेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में 2025 तक करीब 30 लाख निवेशक शेयर बाजार से जुड़े हैं।
हालांकि यह संख्या बिहार के मुकाबले आधी है, फिर भी यह दर्शाता है कि झारखंड में भी लोगों की निवेश के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है।
बिहार अब देश के टॉप 10 निवेशक राज्यों में शामिल हो गया है, जबकि झारखंड अभी भी 15वें स्थान पर है।
तेजी का कारण क्या है?बिहार और झारखंड—दोनों ही राज्यों में निवेशक बढ़ने के पीछे कुछ समान कारण हैं:
मोबाइल पर आसान निवेश एप्लिकेशन
युवाओं में वित्तीय जागरूकता
सोशल मीडिया और यूट्यूब से मिली जानकारी
लेकिन बिहार में इस ग्रोथ की रफ्तार ज्यादा तेज़ इसलिए रही क्योंकि वहां हाल के वर्षों में युवाओं ने बड़े पैमाने पर शेयर मार्केट को एक कमाई के विकल्प के तौर पर अपनाया है।



