अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यूक्रेन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर वोलोदिमीर जेलेंस्की (यूक्रेन के राष्ट्रपति) शांति चाहते हैं तो उन्हें नाटो की सदस्यता और क्रीमिया का मुद्दा छोड़ना होगा।
ट्रंप का कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का हल बातचीत से ही निकल सकता है, लेकिन इसके लिए दोनों देशों को समझौते के लिए कुछ अहम मुद्दों पर झुकना पड़ेगा।

क्रीमिया और रूस का रिश्ता
क्रीमिया की करीब 60% आबादी रूसी भाषा बोलती है।
मॉस्को लगातार कहता आया है कि नाटो की बढ़ती मौजूदगी उसके लिए खतरा है।
2014 से रूस ने क्रीमिया पर नियंत्रण कर रखा है और वहां की स्थिति अपने हाथ में ले ली है।
नाटो पर विवाद क्यों?
नाटो (सैन्य संगठन) की स्थापना अमेरिका और यूरोपीय देशों ने मिलकर की थी, ताकि अगर किसी देश पर हमला हो तो बाकी देश मिलकर उसकी मदद करें।रूस का मानना है कि नाटो का विस्तार उसकी सुरक्षा के लिए चुनौती है। यही वजह है कि मास्को बार-बार नाटो के खिलाफ अपनी आपत्ति जताता रहा है।
ट्रंप का संकेत

ट्रंप ने साफ तौर पर जेलेंस्की से कहा है कि अगर वह रूस के साथ शांति चाहते हैं, तो नाटो की सदस्यता और क्रीमिया को छोड़ना ही होगा।
चित्र साभार: गूगल से


