झारखंड की यूनिवर्सिटी में जेपीएससी के ज़रिए नियुक्त शिक्षकों को लेकर बड़ी खबर आई है। सिंडिकेट की बैठक में करीब दर्जनभर शिक्षकों के प्रमोशन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। ये सभी शिक्षक लंबे समय से प्रमोशन की राह देख रहे थे।
बैठक में कुलपति, रजिस्ट्रार और अन्य बड़े अधिकारी मौजूद थे। जिन शिक्षकों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं थी, उनके प्रमोशन के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

इन शिक्षकों को मिला प्रमोशन:
बैठक में तय किया गया कि जेपीएससी से चुने गए शिक्षकों में से जिनकी सेवा और रिकॉर्ड ठीक रहा है, उन्हें अगली पोस्ट पर प्रमोट किया जाएगा। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और फिर प्रोफेसर बनाए जाने वाले नाम शामिल हैं।
लंबे समय से रुका था प्रमोशन
इन शिक्षकों की नियुक्ति 2006 के आसपास हुई थी, लेकिन प्रमोशन को लेकर लंबे समय से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। इससे शिक्षक परेशान थे और कई बार यूनिवर्सिटी से अपनी मांग भी रख चुके थे।
पीजी हेड बने डॉ. यदुनाथ पांडेय
एंथ्रोपोलॉजी विषय के डॉ. यदुनाथ पांडेय को 30 जून 2006 से प्रोफेसर की मान्यता दी गई है। अब उन्हें पीजी डिपार्टमेंट का हेड भी बना दिया गया है।

साफ छवि वाले शिक्षकों को मिली प्राथमिकता
बैठक में साफ तौर पर कहा गया कि केवल उन्हीं शिक्षकों को प्रमोशन मिलेगा जिन पर कोई आरोप या विभागीय कार्रवाई नहीं है। यानी प्रमोशन में पारदर्शिता रखी गई है।
चित्र साभार: गूगल से


