नई दिल्ली: रूस और भारत के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मज़बूत हो रहा है। अब रूस ने भारत को कच्चे तेल पर 5% की छूट देने का फैसला किया है। इसके साथ ही रूस ने अपने घरेलू बाज़ार भी भारतीय उत्पादों के लिए खोलने की बात कही है।

तेल की खरीद में यह छूट भारत के लिए बड़ी राहत है क्योंकि इससे न केवल पेट्रोल-डीज़ल सस्ता होगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
भारत-रूस व्यापार में बढ़ोतरी
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार साल दर साल तेज़ी से बढ़ा है। 2021 में यह 13 अरब डॉलर था, जबकि 2024-25 में बढ़कर करीब 68 अरब डॉलर पहुँच गया।
अमेरिका की आपत्ति के बावजूद सहयोग जारी
अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं और भारत को भी दबाव डालने की कोशिश की है कि वह रूस से तेल और गैस की खरीद कम करे। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता जनता के हित और ऊर्जा सुरक्षा है।

रूस का भरोसा
रूस ने भरोसा दिलाया है कि भारत के साथ उसका ऊर्जा सहयोग पहले जैसा ही जारी रहेगा और दोनों देशों के बीच व्यापार और भी बढ़ेगा।
चित्र साभार: गूगल से


