ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक अहम कदम उठाया है। अब किसी भी यूजर को UPI के जरिए “पैसे मांगने” (Payment Request) का ऑप्शन नहीं मिलेगा। यह बदलाव खास तौर पर साइबर ठगी के मामलों को कम करने के लिए किया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?अक्सर फ्रॉड करने वाले लोग UPI में ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ भेजकर लोगों से पैसे ठग लेते थे। जैसे ही यूजर रिक्वेस्ट को अप्रूव करता, उसके अकाउंट से पैसे कट जाते। अब इस सुविधा को बंद कर देने से ऐसे मामलों में कमी आएगी और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पहले से ज्यादा सुरक्षित होंगे।

क्या होता था कलेक्ट रिक्वेस्ट?कलेक्ट रिक्वेस्ट फीचर से कोई भी व्यक्ति दूसरे से UPI के जरिए पैसे मांग सकता था। उदाहरण के लिए, अगर किसी को ₹500 चाहिए, तो वह दूसरे के मोबाइल पर UPI रिक्वेस्ट भेजता था। सामने वाला अगर रिक्वेस्ट स्वीकार कर ले, तो पैसे तुरंत ट्रांसफर हो जाते थे।
UPI का बढ़ता इस्तेमालभारत में डिजिटल पेमेंट्स में UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ सालों में इसमें 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। साल 2017-18 में जहां 18 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे, वहीं अब यह आंकड़ा कई गुना बढ़ चुका है।

NPCI का यह नया कदम लोगों को ठगी से बचाने और डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है।
चित्र साभार: गूगल से


