रेलवे ने इमरजेंसी कोटा से टिकट लेने का तरीका बदल दिया है। अब अगर किसी को इमरजेंसी में ट्रेन से सफर करना है, तो उसे एक दिन पहले ही टिकट के लिए आवेदन करना होगा। ये नया नियम आज से लागू हो गया है।
रेलवे का कहना है कि इससे चार्ट बनाने में आसानी होगी और टिकट की कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।

नया नियम क्या है?
अगर ट्रेन सुबह 12 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच है, तो टिकट के लिए एक दिन पहले दोपहर 12 बजे तक आवेदन करना होगा।
अगर ट्रेन दोपहर 2 बजे के बाद रात 12 बजे से पहले है, तो शाम 4 बजे से पहले आवेदन करना जरूरी होगा।
अगर ट्रेन रविवार या किसी छुट्टी वाले दिन है, तो टिकट के लिए आवेदन उसके पिछले कामकाजी दिन में ऑफिस टाइम में ही करना होगा। जैसे रविवार की ट्रेन के लिए शुक्रवार को ही आवेदन देना होगा।
इमरजेंसी कोटा होता क्या है?
ये कोटा उन लोगों के लिए होता है जिन्हें अचानक या खास वजह से टिकट की जरूरत होती है। जैसे मेडिकल केस, सरकारी काम या बुजुर्ग लोग। रेलवे ने कहा है कि अब सही लोगों को टिकट मिल सकेगा और बुकिंग में गड़बड़ी कम होगी।
रेलवे ने हाल में तीन और बड़े बदलाव किए हैं:
1. चार्ट अब 8 घंटे पहले बनेगा:अब ट्रेन के चलने से 8 घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार होगा। पहले ये सिर्फ 4 घंटे पहले बनता था। इससे यात्रियों को दूसरे विकल्प खोजने का वक्त मिलेगा।

2. तत्काल टिकट के लिए आधार जरूरी:अब आधार कार्ड से वेरिफिकेशन के बिना तत्काल टिकट नहीं मिलेगा।
1 जुलाई से आधार ज़रूरी
15 जुलाई से OTP भी लगेगा
शुरू के 30 मिनट तक एजेंट टिकट नहीं बुक कर पाएंगे।
3. वेटिंग टिकट पर नहीं कर सकेंगे स्लीपर या AC में सफर:
1 मई से वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर सिर्फ जनरल कोच में ही सफर कर सकेंगे।
अगर कोई स्लीपर या AC में पकड़ा गया तो उस पर जुर्माना लगेगा —
AC में: ₹440
स्लीपर में: ₹250
चित्र साभार: गूगल से


