ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जयप्रकाश पावर वेंचर्स (JP Power) के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। जुलाई की शुरुआत से अब तक कंपनी के शेयर 28% की बढ़त के साथ 23.56 रुपये के स्तर पर पहुंच गए हैं। मंगलवार को शेयर में 5% की उछाल आई, जिससे यह निवेशकों के बीच चर्चा में बना हुआ है।
तेजी की एक बड़ी वजह अडानी ग्रुप से जुड़ी खबरें हैं।
दरअसल, गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी समूह, जेपी पावर की मूल कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates) के अधिग्रहण की दौड़ में सबसे आगे चल रहा है। माना जा रहा है कि यह अधिग्रहण यदि पूरा होता है तो जेपी पावर को बड़ा सपोर्ट मिलेगा, क्योंकि जयप्रकाश एसोसिएट्स के पास कंपनी की 24% हिस्सेदारी है।
क्या है मामला?
बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी समूह ने जेपी एसोसिएट्स के लिए ₹12,500 करोड़ की बोली लगाई है। यह बोली बाकी संभावित खरीदारों — वेदांता, जेएसपीएल, डालमिया भारत, सुरक्षा समूह और पीएनसी इंफ्राटेक — से कहीं अधिक मानी जा रही है।
द इकोनॉमिक टाइम्स की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अडानी ग्रुप इस अधिग्रहण की दौड़ में “बिना किसी शर्त के एकमात्र बोलीदाता” के रूप में उभरा है। अप्रैल 2024 में जब ये मामला सामने आया था, तब कुल 25 कंपनियों ने रुचि दिखाई थी, लेकिन अब तस्वीर काफी साफ होती नजर आ रही है।
बता दें कि जेपी एसोसिएट्स फिलहाल कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है, जिसे 3 जून 2024 को NCLT, इलाहाबाद बेंच ने स्वीकृति दी थी। कंपनी के पास रियल एस्टेट, सीमेंट, इंजीनियरिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में बड़ा कारोबार है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
अगर यह अधिग्रहण अडानी समूह के हाथों में जाता है, तो इससे जेपी पावर को वित्तीय स्थिरता और रणनीतिक नेतृत्व का बड़ा लाभ मिल सकता है। यही कारण है कि बाजार में कंपनी के शेयरों की मांग में तेजी से उछाल आया है। निवेशक इसे लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी के तौर पर देख रहे हैं।



