भारतीय शेयर बाजार में 2025 की दूसरी छमाही बेहद खास रहने वाली है। अगर आप भी निवेश के बेहतर मौके की तलाश में हैं, तो आने वाले छह महीने आपके लिए गेमचेंजर साबित हो सकते हैं। जेफरीज फाइनेंशियल ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच भारतीय प्राइमरी मार्केट में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये (लगभग 18 अरब डॉलर) के आईपीओ आ सकते हैं।
पहली छमाही रही सुस्त, अब दिख रही रफ्तार
2025 की पहली छमाही में सिर्फ 5.3 अरब डॉलर के आईपीओ ही आए, जबकि 2024 की इसी अवधि में 91 कंपनियां लिस्ट हुई थीं। ग्लोबल अनिश्चितताओं और बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से कंपनियों ने अपनी लिस्टिंग योजनाओं को टाल दिया था। अब निवेशकों का भरोसा लौट रहा है और कंपनियां दोबारा बाजार में उतरने की तैयारी में हैं।
आने वाले प्रमुख आईपीओ जिन पर सबकी नजर है
1. टाटा कैपिटल लिमिटेड
अनुमानित इश्यू साइज 2 अरब डॉलर (करीब 16,700 करोड़ रुपये)। यह 2025 का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।
2. ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट
म्यूचुअल फंड और निवेश सेवाओं में अग्रणी कंपनी, जिसका आईपीओ बाजार में मजबूत रुचि पैदा कर सकता है।
3. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड
डिपॉजिटरी सर्विस में भारत की प्रमुख संस्था, जिसकी लिस्टिंग को लेकर काफी उत्सुकता है।
4. एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अब भारतीय बाजार में प्रवेश की तैयारी में है।
5. मीशो (Meesho)
7 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यूएशन वाला यह ई-कॉमर्स स्टार्टअप भी लिस्टिंग के लिए तैयार है।
6. ग्रो (Groww)
डिजिटल स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म, जो युवाओं में बेहद लोकप्रिय है।
7. लेंसकार्ट (Lenskart)
आईवियर और कॉन्टैक्ट लेंस की दुनिया में बड़ा नाम, जिसकी लिस्टिंग से निवेशकों को बड़ी उम्मीदें हैं।
क्यों तेज हो रहा है आईपीओ बाजार?
बाजार में तेजी: Nifty 50 रिकॉर्ड स्तर के करीब है, जिससे कंपनियों को लिस्टिंग के लिए अनुकूल माहौल मिल रहा है।
HDB फाइनेंशियल का सफल डेब्यू: इस साल का सबसे बड़ा आईपीओ लिस्टिंग के बाद 15% चढ़ा, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
आरबीआई की नीति में नरमी: ब्याज दरों में कटौती से लिक्विडिटी बढ़ी है, जो आईपीओ मार्केट के लिए फायदेमंद है।
विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी: 2025 में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) 12 अरब डॉलर से अधिक निवेश कर चुके हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
जेफरीज इंडिया के जिबी जैकब का मानना है कि 2025 के अंत तक 50 से ज्यादा आईपीओ आ सकते हैं। उनका कहना है कि “टाटा कैपिटल जैसी बड़ी लिस्टिंग्स निवेशकों को आकर्षित करेंगी और बाजार को गति देंगी।”

क्या निवेश का यह सही समय है?
अगर आप लॉन्ग टर्म ग्रोथ और लिस्टिंग गेन की तलाश में हैं, तो 2025 की दूसरी छमाही का आईपीओ बाजार आपके लिए बेहतरीन मौके ला सकता है। खासकर फाइनेंशियल सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और ई-कॉमर्स सेक्टर में मजबूत ग्रोथ की संभावना है। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितताओं और कंपनियों की वैल्यूएशन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
2025 के अगले छह महीने भारतीय आईपीओ बाजार के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। यदि आप विवेकपूर्ण रिसर्च के साथ सही कंपनियों में निवेश करते हैं, तो यह समय आपके पोर्टफोलियो को मजबूती दे सकता है।


