पिछले पांच सालों में भारत ने ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, यूरोपीय देशों के समूह और ब्रिटेन के साथ ऐसे समझौते किए हैं। इनका फायदा यह है कि भारत के सामान और सेवाएं बिना ज्यादा टैक्स के दूसरे देशों में आसानी से बिक सकेंगी।

सरकार का कहना है कि एफटीए से निर्यात बढ़ेगा, निवेश के मौके मिलेंगे और भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
2021 से 2025 तक हुए बड़े एफटीए
2021: भारत-मॉरीशस समझौता
2022: भारत-यूएई और भारत-ऑस्ट्रेलिया समझौते
2024: भारत-EFTA और भारत-यूके समझौते

चित्र साभार: गूगल से


