भारत ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंगलवार को बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने बताया कि देश का लक्ष्य है कि आने वाले समय में भारत दुनिया की कुल ग्रीन हाइड्रोजन की लगभग 10% मांग को पूरा करे।
2030 तक बढ़ेगी ग्रीन एनर्जी की डिमांड

रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2030 तक ग्रीन हाइड्रोजन की वैश्विक मांग 10 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक होने की उम्मीद है। ऐसे में भारत के पास इस सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाने का मौका है।
नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से तेजी
फिक्की ग्रीन हाइड्रोजन समिट 2025 में नाइक ने कहा कि नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत अब तक 19 कंपनियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। इन कंपनियों को मिलाकर करीब 8,62,000 टन सालाना ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का टार्गेट तय किया गया है।
तेजी से हो रही प्रगति
मंत्री के अनुसार, ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन को लेकर अब तक काफी प्रगति हो चुकी है। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत न सिर्फ अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को हरा-भरा बनाएगा बल्कि दुनिया की बढ़ती डिमांड को भी पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।

भारत आने वाले कुछ सालों में ग्रीन एनर्जी का ग्लोबल हब बन सकता है और दुनिया को क्लीन फ्यूल सप्लाई करने में बड़ा योगदान देगा।
चित्र साभार: गूगल से


