अगर अमेरिका भारत के सामान पर ज्यादा टैक्स या जुर्माना लगाता है और इसी वजह से भारत को रूस से तेल मंगाना बंद करना पड़े, तो देश पर हर साल 9 से 11 अरब डॉलर का बोझ बढ़ सकता है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदने वाला देश है। जब 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ, तब कई देशों ने रूस पर पाबंदी लगा दी थी, लेकिन भारत ने रूस से सस्ता तेल लेकर काफी फायदा उठाया।

अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय चीजों पर 25% टैक्स लगाने की बात कही है। अगर भारत रूस से तेल लेना बंद करता है, तो तेल के बिल में बहुत बढ़ोतरी हो सकती है।
सरकार ने मांगे सुझाव
सरकार ने निर्यात करने वाले व्यापारियों से सलाह मांगी है कि अमेरिका के टैक्स से कैसे निपटा जाए। मुंबई में हुई बैठक में कई उद्योगों ने कहा कि सरकार सस्ता लोन और मदद की स्कीम शुरू करे।

भारत में अभी ब्याज दरें 8% से 12% तक हैं, जबकि चीन, मलेशिया, थाईलैंड जैसे देशों में यह 2% से 4% तक ही है। इससे भारत के व्यापारी मुकाबले में पीछे रह सकते हैं।
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