रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के अलग-अलग जिलों में बस स्टैंड की खराब हालत पर संज्ञान लिया है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए बुधवार को तारीख तय की है।
क्यों पड़ी ज़रूरत कोर्ट के दखल की?
प्रभात खबर में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि झारखंड के बस अड्डों की स्थिति बेहद खराब है। यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। इसी रिपोर्ट को हाईकोर्ट ने पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) में बदल दिया।

यात्रियों की दिक्कतें
कई बस स्टैंड पर सफाई और बैठने की सही व्यवस्था नहीं है।
यात्रियों को शौचालय और पीने के पानी की सुविधा तक नहीं मिल रही।
अव्यवस्थित पार्किंग और अवैध कब्जे से हालात और बिगड़ गए हैं।
कोर्ट ने किन मुद्दों पर ध्यान दिया?
1. कांके रोड पर अवैध पार्किंग और वाहन बिक्री।
2. नालों के कब्जे और बारिश में घरों में पानी भरने की समस्या।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के परिवहन मंत्री ने कहा कि डीसी (जिला उपायुक्त) को निर्देश दिया गया है कि बस स्टैंड की स्थिति में सुधार लाया जाए। वहीं रांची नगर निगम और RIMS बस स्टैंड का भी निरीक्षण किया गया है।

झारखंड के कई बस स्टैंड की खस्ता हालत पर हाईकोर्ट ने खुद ध्यान दिया है। अब इस मामले पर सुनवाई होगी और सरकार से जवाब मांगा जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
चित्र साभार: गूगल से


