रांची के रिम्स अस्पताल में इलाज की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए पूछा है कि जब रिम्स को हर साल करोड़ों रुपये सरकार से दिए जाते हैं, तो वह बिना खर्च किए क्यों लौटाए जा रहे हैं?
हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब माँगा है कि अगर पैसा दिया जा रहा है तो इलाज में सुधार क्यों नहीं हो रहा। साथ ही मेडिकल सेवाओं की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं।

स्टाफ की भारी कमी
रिपोर्ट के मुताबिक, रिम्स में डॉक्टर, प्रोफेसर और मेडिकल स्टाफ की बहुत कमी है। नए साल में 145 पदों पर बहाली होनी थी, लेकिन अब तक सिर्फ 19 लोग ही जॉइन कर पाए हैं। कई विभाग बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों के चल रहे हैं।
डॉक्टरों के बीच झगड़ा भी सामने आया
रिम्स में दो डॉक्टरों के बीच कहासुनी और मारपीट का मामला भी सामने आया है। यह मामला अब निदेशक तक पहुँच गया है। इससे मरीजों पर बुरा असर पड़ता है और अस्पताल की छवि खराब होती है।
हाईकोर्ट ने माँगा जवाब

कोर्ट ने पूछा है कि जब इतनी बड़ी राशि मिलती है तो उसका सही इस्तेमाल क्यों नहीं होता? रिम्स के इलाज के स्तर में सुधार क्यों नहीं दिखता? सरकार और अस्पताल प्रशासन से जवाब माँगा गया है।
चित्र साभार: गूगल से


