भारत हमेशा से एक कृषि प्रधान देश रहा है, लेकिन अब खेती को और आगे बढ़ाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने एक खास अभियान शुरू किया है — “विकसित कृषि संकल्प अभियान”।
इस अभियान का उद्देश्य है कि किसानों को नई तकनीक, उन्नत बीज, अच्छी गुणवत्ता की खाद और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जाए। इससे किसान ज्यादा उत्पादन कर सकें और उनकी आमदनी बढ़े।

इस योजना के तहत देशभर में कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी और विशेषज्ञ गांव-गांव जाकर किसानों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। खेती के साथ-साथ मृदा परीक्षण, ड्रोन का उपयोग, डिजिटलीकरण और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
राज्यों में भी इस अभियान को लेकर अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। झारखंड, राजस्थान, पंजाब जैसे राज्यों में किसानों को खेतों में ही प्रशिक्षण दिया गया। किसानों को फसलों की विविधता, जल संरक्षण, और उन्नत खेती के तरीकों पर भी जानकारी दी गई।
सरकार का लक्ष्य है कि इस अभियान से देश के 1.35 करोड़ से ज्यादा किसानों को जोड़ा जाए और खेती को फायदे का सौदा बनाया जाए। इस प्रयास से किसानों को नई उम्मीद और ताकत मिली है।

मुख्य बातें:
किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी जा रही है।
डिजिटल तकनीक और नए उपकरणों का प्रशिक्षण मिल रहा है।
फसल की गुणवत्ता और पैदावार में बढ़ोतरी हो रही है।
सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
इस अभियान से साफ दिख रहा है कि अगर किसानों को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिल जाएं, तो वे देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बना सकते हैं।
चित्र साभार: गूगल से


