राज्य में लोगों को साफ पानी पहुंचाने वाली कई योजनाएं अब खतरे में हैं। पेयजल विभाग के पास जरूरी मरम्मत और ऑपरेशन के लिए पैसे नहीं हैं। अगर जल्दी फंड नहीं मिला, तो 15 से ज्यादा जलापूर्ति योजनाएं ठप हो सकती हैं।
पानी सप्लाई करने में हो रही परेशानी
जानकारी के अनुसार, जिन मशीनों से पानी पंप करके लोगों तक पहुंचाया जाता है, उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। कई जगह मोटर खराब हो चुकी हैं, तो कहीं पंपिंग स्टेशन बंद होने की कगार पर हैं। विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार पैसे की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला।

4 महीने से नहीं मिला फंड
पिछले चार महीने से विभाग को ऑपरेशन और मेंटेनेंस का बजट नहीं मिला है। इससे कई परियोजनाएं अधर में लटक गई हैं। अगर समय पर फंड नहीं आया, तो गांवों और शहरों में पानी की सप्लाई रुक सकती है।
बड़ी योजनाएं भी प्रभावित
रिपोर्ट के मुताबिक, शहरों और गांवों की बड़ी योजनाएं जैसे पाइपलाइन मरम्मत, मोटर बदली, क्लोरीनेशन सिस्टम की सफाई जैसे जरूरी काम फंड की कमी की वजह से नहीं हो पा रहे हैं। इसका सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है।

विभाग ने सरकार से मांगा पैसा
पेयजल विभाग ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें फौरन अतिरिक्त फंड देने की अपील की गई है। अधिकारी कह रहे हैं कि अगर जल्दी कदम नहीं उठाया गया, तो पूरे राज्य में पानी की भारी किल्लत हो सकती है।
चित्र साभार: गूगल से


