बुधवार को अशोक लीलैंड के शेयर में अचानक आई 51% की गिरावट ने कई निवेशकों को चौंका दिया। मंगलवार को जहां इसका भाव ₹250 के करीब था, वहीं आज यह गिरकर लगभग ₹123 पर आ गया। लेकिन क्या वाकई ये इतनी बड़ी गिरावट है? जवाब है – नहीं।
असल में ये गिरावट सिर्फ दिखावटी है, क्योंकि कंपनी ने 1:1 बोनस शेयर का ऐलान किया था, जो आज से लागू हुआ है।
क्या होता है बोनस शेयर?
बोनस शेयर का मतलब है – कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को उनके पास मौजूद हर 1 शेयर के बदले 1 और मुफ्त में शेयर देती है। इससे किसी निवेशक के कुल शेयरों की संख्या तो बढ़ जाती है, लेकिन कुल निवेश की वैल्यू में कोई बदलाव नहीं होता।
उदाहरण के लिए अगर आपके पास पहले 20 शेयर थे जिनकी कुल कीमत ₹4000 थी, तो अब आपके पास 40 शेयर होंगे – लेकिन कुल वैल्यू वही ₹4000 रहेगी। इसीलिए शेयर का भाव लगभग आधा हो गया, लेकिन नुकसान कुछ नहीं हुआ।

क्यों हुआ ऐसा बदलाव?
अशोक लीलैंड ने लगभग 14.2 लाख छोटे निवेशकों को ध्यान में रखते हुए यह बोनस दिया है। मार्च 2025 तक इन छोटे निवेशकों के पास कंपनी की करीब 9.38% हिस्सेदारी थी। खास बात यह है कि कंपनी ने करीब 14 साल बाद फिर से बोनस शेयर जारी किए हैं। पिछली बार ऐसा 2011 में हुआ था।
असल गिरावट कितनी है?
अगर बोनस समायोजन को छोड़ दें, तो शेयर में असल गिरावट करीब 2% की रही है। यानी यह बाजार की आम हलचल का ही हिस्सा है।


