बिहार देश का ऐसा राज्य है जो आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास के मामले में सबसे तेजी से आगे बढ़ सकता है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा जारी ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर बिहार अपने संसाधनों और अवसरों का सही तरीके से इस्तेमाल करता है तो साल 2046-47 तक राज्य की अर्थव्यवस्था 1,100 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

क्यों है बिहार में इतनी संभावनाएं?
बिहार में प्राकृतिक संसाधन, उर्वर भूमि और युवा आबादी इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यहां की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है और युवा वर्ग की संख्या अधिक है, जो आने वाले समय में राज्य की तरक्की का मुख्य आधार बनेगा। रिपोर्ट के अनुसार, अनुकूल नीतियां और निवेश को बढ़ावा देने वाले कदम उठाए गए तो बिहार निवेशकों के लिए एक बड़ा हब बन सकता है।
वर्तमान स्थिति
साल 2023-24 में बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) लगभग 8.54 लाख करोड़ रुपये रहा। इस दौरान बिहार ने 14.4% की विकास दर दर्ज की, जो देश के औसत 12% से भी ज्यादा है। यह दिखाता है कि राज्य पहले से ही तेज़ी से विकास की ओर बढ़ रहा है।
आने वाले 10-15 साल का अनुमान
सीआईआई की रिपोर्ट बताती है कि 2030-31 तक बिहार की अर्थव्यवस्था 219 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकती है, यानी मौजूदा आकार से दोगुनी से भी ज्यादा। इसके बाद लगातार तेज़ी से बढ़ते हुए 2046-47 तक यह आंकड़ा 1,100 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

निवेश और अवसर
बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश की जरूरत है। अगर इन क्षेत्रों पर सरकार और निजी सेक्टर मिलकर काम करें, तो राज्य आने वाले वर्षों में न सिर्फ देश बल्कि एशिया के सबसे तेजी से बढ़ते हुए राज्यों में गिना जाएगा।
चित्र साभार: गूगल से


