नई दिल्ली – आजकल गाड़ियों में एथनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इस पेट्रोल से जहां एक तरफ माइलेज और अन्य समस्याओं को लेकर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें एक और बड़ी दिक्कत है।

एथनॉल पानी में घुलने की क्षमता रखता है। अगर पेट्रोल पंप के भूमिगत टैंकों में ज़रा भी पानी चला गया, तो यह पेट्रोल के साथ मिलकर वाहनों के इंजन के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
इसीलिए ज़रूरी है कि पेट्रोल पंप पर लगे अंडरग्राउंड फ्यूल टैंकों को पूरी तरह सील किया जाए, ताकि उनमें पानी बिल्कुल भी न पहुंचे।
ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल के मुताबिक, देशभर के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर अंडरग्राउंड टैंक हैं। इन्हें अच्छे तरीके से सील करना ज़रूरी है, वरना पानी टैंक में चला जाएगा और फिर एथनॉल मिश्रण वाला पेट्रोल भी पानी जैसी समस्या पैदा कर देगा।

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