भारत और अमेरिका के बीच चल रहे आर्थिक तनाव के बीच, अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत की साख बढ़ाकर ‘BBB’ कर दी है। यह कदम 18 साल बाद उठाया गया है और इससे भारत की अर्थव्यवस्था पर दुनिया का भरोसा और मजबूत हुआ है।

यह अपग्रेड ऐसे समय आया है, जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ कहा था। S&P का मानना है कि भारत की आर्थिक स्थिति स्थिर है और आने वाले समय में इसकी विकास दर मजबूत बनी रहेगी।
तीन साल में विकास दर का अनुमान
एजेंसी का अनुमान है कि 2025-26 तक भारत की जीडीपी वृद्धि दर औसतन 6.8% रहेगी। 2029 तक यह दर करीब 6.5% पर स्थिर रह सकती है। S&P के मुताबिक, भारतीय बाजार की मजबूती, स्थिर नीतियां और मजबूत उपभोक्ता मांग ही इसकी मुख्य ताकत हैं।
रेटिंग में सुधार के पीछे वजह
S&P ने कहा कि भारत में निवेश माहौल अच्छा है, महंगाई काबू में है और सरकार आर्थिक सुधारों पर लगातार काम कर रही है। इसी वजह से देश की रेटिंग बढ़ाई गई है।

असर कितना बड़ा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस रेटिंग बदलाव का भारतीय अर्थव्यवस्था पर तुरंत बड़ा असर नहीं होगा, लेकिन लंबी अवधि में इससे विदेशी निवेश बढ़ सकता है और भारत की वैश्विक छवि मजबूत होगी।
चित्र साभार: गूगल से


