भारत की आजादी की कहानी में जहां एक तरफ क्रांतिकारी नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र होता है, वहीं कुछ ऐसे बड़े कारोबारी भी थे जिन्होंने न सिर्फ अपने दिल से, बल्कि अपनी जेब से भी देश के लिए सब कुछ दे दिया। उन्होंने आजादी की लड़ाई को चलाने के लिए आर्थिक मदद देकर बड़ा योगदान दिया, लेकिन उनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ व्यापारियों के बारे में—

1. सर दोराबजी टाटाटाटा समूह के इस दूरदर्शी उद्योगपति ने भारत के राष्ट्रवादी आंदोलन को मजबूत करने के लिए बड़ी आर्थिक सहायता दी। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को फंड दिया और विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए स्कॉलरशिप भी शुरू की।
2. जमनालाल बजाजगांधीजी के करीबी माने जाने वाले जमनालाल बजाज ने अपने धन को गांधीजी के अभियानों में लगाया। उन्होंने दांडी मार्च और सविनय अवज्ञा आंदोलन में आर्थिक और व्यक्तिगत रूप से सक्रिय भाग लिया।
3. पुरुषोत्तमदास ठाकुरदासमहात्मा गांधी के समर्थक पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास ने कांग्रेस की गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद की और भारतीय व्यापारियों व राष्ट्रीय आंदोलन के नेताओं के बीच पुल का काम किया।
4. हाजी उस्मान सईतहाजी उस्मान सईत को ‘कांग्रेस का कैश बैग’ कहा जाता था। अमीर परिवार से ताल्लुक रखने वाले उस्मान सईत ने अपने पिता के साथ मिलकर कैश बाजार नाम का शॉपिंग सेंटर शुरू किया और कांग्रेस को लगातार आर्थिक सहयोग दिया।

5. जी.डी. बिड़लाघनश्याम दास बिड़ला का योगदान स्वतंत्रता आंदोलन में बेहद अहम था। उन्होंने गांधीजी की कई गतिविधियों को फंड किया और असहयोग तथा सविनय अवज्ञा आंदोलनों में हर तरह से मदद दी।
चित्र साभार: गूगल से


