अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया टैरिफ फैसले पर भारत की सख्त प्रतिक्रिया के बाद अब वॉशिंगटन का रुख बदलता नजर आ रहा है। अमेरिका ने साफ किया है कि भारत के साथ उनके रिश्ते में कोई खटास नहीं आई है और दोनों देशों के राजनीतिक व आर्थिक संबंध पहले जैसे ही रहेंगे।

दरअसल, भारत ने ट्रंप सरकार के टैरिफ फैसले के बाद कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे दोबारा सोचने का आग्रह किया था। इस पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी इस मामले में नरमी का संकेत देते हुए कहा कि भारत के साथ साझेदारी अमेरिका के लिए अहम है और व्यापारिक मतभेद बातचीत से हल होंगे।
उधर, अमेरिकी सीनेटर स्कॉट बेनेट ने कहा कि भारत ऐसा देश है जो दबाव में नहीं झुकता और अक्टूबर तक इस मुद्दे पर चर्चा पूरी हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टैरिफ विवाद को जल्द ही हल कर लिया जाएगा।
इस बीच, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को चेतावनी दी है कि अमेरिका युद्ध की स्थिति नहीं चाहता, लेकिन जरूरत पड़ी तो मजबूती से जवाब देगा।

आर्थिक मोर्चे पर भी अमेरिका के सामने चुनौतियां हैं, जहां उसका सार्वजनिक ऋण 37,000 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात काबू में नहीं आए, तो 2030 तक यह आंकड़ा 50,000 अरब डॉलर तक जा सकता है।
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