मेहसाणा (गुजरात) – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार को स्पष्ट किया कि बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस की राशि तय करना पूरी तरह से बैंकों का अपना फैसला होता है। यह विषय RBI के नियम और नियंत्रण के दायरे में नहीं आता।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग बैंक अपनी नीतियों और सुविधाओं के आधार पर यह राशि तय करते हैं। उदाहरण के तौर पर, कुछ बैंक बचत खाते में न्यूनतम 10,000 रुपये रखने का नियम लागू करते हैं, तो कुछ बैंक इसे 2,000 रुपये तक सीमित रखते हैं। वहीं, कई बैंक अपने ग्राहकों को इस नियम से पूरी तरह छूट भी देते हैं, जिससे खाते में शेष राशि कम होने पर भी कोई जुर्माना नहीं लगता।
गवर्नर ने यह भी बताया कि ग्राहकों को यह जानकारी खाता खोलते समय दी जाती है और बैंक की वेबसाइट या शाखा में भी यह नियम साफ तौर पर लिखा होता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बैंक की व्यवसायिक रणनीति और ग्राहक सुविधा पर निर्भर करता है, और RBI इसमें कोई बाध्यता नहीं लगाता।

इस घोषणा से यह साफ हो गया है कि ग्राहकों को न्यूनतम बैलेंस के मामले में सीधे अपने बैंक से जानकारी लेनी चाहिए, क्योंकि हर बैंक के नियम अलग हो सकते हैं।
चित्र साभार: गूगल से


