भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक में RBI की अगली नीतिगत दर (रेपो रेट) पर फैसला लिया जाएगा। बैठक के बाद 6 अगस्त को RBI की तरफ से निर्णय की घोषणा की जाएगी।
त्योहारों के सीज़न से पहले आम लोगों को राहत मिल सकती है, क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि आरबीआई ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे कर्ज़ सस्ते हो सकते हैं। इससे EMI में भी कमी आ सकती है।

विशेषज्ञों की राय क्या कहती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले तीन बार से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अगर इस बार भी दरें स्थिर रखी जाती हैं, तो इसका मतलब है कि महंगाई को लेकर RBI फिलहाल सतर्क है। हाल ही में महंगाई दर छह साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है, जो कि एक पॉजिटिव संकेत है।
अगर महंगाई काबू में रहती है और वैश्विक आर्थिक हालात स्थिर रहते हैं, तो RBI आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। ऐसा होने से लोन और EMI और सस्ती हो सकती हैं।

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