भारत में अब सहकारी समितियों की मदद से एक नई टैक्सी सेवा शुरू की जा रही है, जिसका नाम ‘भारत टैक्सी’ होगा। यह सेवा इस साल के अंत तक शुरू की जाएगी और इसका मकसद ओला और उबर जैसी बड़ी कंपनियों को टक्कर देना है।
इस प्रोजेक्ट के लिए 300 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। अभी तक चार राज्यों में 200 ड्राइवरों को जोड़ा भी जा चुका है। यह योजना कई सहकारी संगठनों की साझेदारी से चलाई जा रही है, जिनमें एनसीडीसी (राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम), इफको (भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड) और गुजरात की दूध सहकारी संस्था जीसीएमएमएफ शामिल हैं।

पिछले महीने सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया था कि 2025 के अंत तक यह सेवा देशभर में शुरू हो जाएगी। इस सेवा का मकसद है कि ड्राइवरों को अच्छा मुनाफा मिले और यात्रियों को अच्छी, सुरक्षित और किफायती टैक्सी सेवा दी जा सके।
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