अगर आपने अपने सेविंग अकाउंट में तय न्यूनतम बैलेंस नहीं रखा है, तो हो सकता है कि आपसे भी uhजुर्माना वसूला गया हो। पिछले 5 सालों में देश के 11 सरकारी बैंकों ने ऐसे ही जुर्माने के रूप में ग्राहकों से करीब ₹9,000 करोड़ वसूले हैं।
कुछ बैंकों ने ये पेनल्टी हर महीने ली, तो कुछ ने हर तीन महीने पर। हालांकि, जनधन अकाउंट, बेसिक सेविंग अकाउंट, और सैलरी अकाउंट को इस नियम से छूट मिली हुई है — यानी इनमें मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी नहीं होता।

सरकार ने बैंकों को दी सलाह, पर निजी बैंक अब भी नहीं मान रहे
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में जानकारी दी कि सरकार ने बैंकों से कहा है कि पेनल्टी को कम किया जाए, खासकर गांव और छोटे शहरों के लोगों के लिए। 11 में से 7 सरकारी बैंकों ने इस सलाह को माना है, बाकी 4 भी जल्दी मानने की बात कह रहे हैं। लेकिन कई प्राइवेट बैंक अब भी ज्यादा जुर्माना वसूल रहे हैं।
बैंक क्यों वसूलते हैं ये पेनल्टी?
चित्र साभार: गूगल से


