झारखंड में बारिश के साथ बिजली की दिक्कत और बढ़ गई है। कई जगह घंटों तक लाइट नहीं रहती, ट्रांसफॉर्मर खराब हो रहे हैं और तार टूट रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी परेशानी ये है कि पूरे राज्य में जहां 2686 जेई (जूनियर इंजीनियर) होने चाहिए, वहां सिर्फ 66 ही काम कर रहे हैं।
क्या है वजह?
बिजली की लाइन और ट्रांसफॉर्मर की देखरेख करने वाले लोग बहुत कम हैं।

कई जगह तो जेई की पोस्ट ही खाली है।
एक-एक जेई को कई इलाकों की जिम्मेदारी दी गई है।
समय पर मरम्मत नहीं हो पा रही, जिससे बार-बार बिजली कट रही है।
ट्रांसफॉर्मर तो हजारों, लेकिन देखरेख करने वाले गिने-चुने
झारखंड में 2000 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर हैं। लेकिन उन्हें ठीक रखने के लिए स्टाफ ही नहीं है। जब ट्रांसफॉर्मर या लाइन में दिक्कत आती है, तो जल्दी ठीक नहीं हो पाता।

अधिकारियों ने भी मानी गलती
बिजली विभाग के अधिकारियों ने भी माना है कि स्टाफ कम होने से बिजली सप्लाई सही से नहीं हो पा रही है। अब सरकार से नई भर्ती की मांग हो रही है।
चित्र साभार: गूगल से


