अब पर्यटक कोयले की खदानों को करीब से देख सकेंगे और जान सकेंगे कि वहां कैसे काम होता है। यह देश का पहला खनन पर्यटन प्रोजेक्ट होगा, जो झारखंड से शुरू हो रहा है।

कहाँ-कहाँ से शुरुआत हो रही है?
इस टूरिज्म की शुरुआत धनबाद और रामगढ़ ज़िले से की जा रही है। बाद में इसका विस्तार राज्य के बाकी हिस्सों में किया जाएगा।
अभी दो टूर पैकेज तैयार हुए हैं:
1. प्लाटून टूर पैकेज (₹2500)
यह धनबाद और रामगढ़ के कोयला क्षेत्रों में होगा।
इसमें पर्यटक खदान के बाहर और अंदर के काम को देख सकेंगे।
खनन क्षेत्र, कोयला निकालने की प्रक्रिया, ट्रक मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था को समझाया जाएगा।
2. उरिमारी टूर पैकेज (₹2800)
यह पैकेज थोड़ा बड़ा है, जिसमें माइन विजिट के साथ खदान के ऑपरेशन एरिया को दिखाया जाएगा।
कोयले की खुदाई और वहां काम कर रहे मजदूरों की मेहनत को भी पर्यटक महसूस कर सकेंगे।
कितना दिन लगेगा?
यह टूर एक दिन का होगा। सुबह से शाम तक पूरा दौरा रहेगा।
जरूरत के अनुसार आगे इसे दो दिन का भी किया जा सकता है।
किसने मिलकर शुरू किया है?

टूरिज्म डिपार्टमेंट ने BCCL (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) और CCL (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) के साथ समझौता किया है।
पहले चरण में ये दो कंपनियां टूर पैकेज का संचालन करेंगी।
आगे क्या योजना है?
आने वाले समय में इस योजना को बोकारो, गिरिडीह और चतरा जैसे अन्य कोल क्षेत्रों तक फैलाया जाएगा।
अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो झारखंड खनन टूरिज्म का बड़ा सेंटर बन सकता है।
चित्र साभार : गूगल से फोटो


