योग और आयुर्वेद की दुनिया से लेकर अब शेयर बाजार तक, बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स ने निवेशकों को चौंका दिया है। बीते दो दिनों में कंपनी के शेयरों में लगभग 9% की जोरदार बढ़त देखने को मिली है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह है— कंपनी की तरफ से बोनस शेयर देने की तैयारी।
क्या है पूरा मामला?
पतंजलि फूड्स के बोर्ड की मीटिंग 17 जुलाई 2025 को होने वाली है। इस मीटिंग में बोनस शेयर जारी करने पर विचार किया जाएगा। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो यह कंपनी के इतिहास का पहला बोनस इश्यू होगा। ऐसे में निवेशकों को उम्मीद है कि उन्हें फ्री में अतिरिक्त शेयर मिल सकते हैं, जिससे उनका लाभ और भी बढ़ जाएगा।
शेयरों में क्यों आई तेजी?
बोनस शेयर की खबर सामने आते ही बाजार में हलचल मच गई। शेयर ने बुधवार को BSE पर 1862.35 रुपये का स्तर छू लिया, जो दो दिन पहले के मुकाबले 9% ज्यादा है। एक समय पर शेयर ने 1875 रुपये का ऊपरी स्तर भी पार कर लिया था।

शेयरहोल्डिंग का क्या है गणित?
कंपनी के लगभग 69.5% शेयर प्रमोटर ग्रुप के पास हैं यानी रामदेव और उनके सहयोगी। बाकी के 31.5% शेयर म्यूचुअल फंड, एफआईआई और आम निवेशकों के पास हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पतंजलि फूड्स का लंबी अवधि का टारगेट प्राइस करीब 2,116 रुपये है, यानी इसमें अब भी और तेजी की संभावना है।
क्या होता है बोनस शेयर?

जब कोई कंपनी अपने मुनाफे का हिस्सा मौजूदा शेयरधारकों को फ्री में अतिरिक्त शेयर देकर लौटाती है, तो उसे बोनस शेयर कहते हैं। इससे कंपनी के शेयरों की संख्या तो बढ़ जाती है, लेकिन निवेशक की कुल होल्डिंग वैल्यू वही रहती है। फायदा यह होता है कि शेयर अधिक लिक्विड हो जाते हैं और निवेशकों को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलती है।


