इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनी टेस्ला के शेयरों में सोमवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई। प्री-मार्केट ट्रेडिंग में टेस्ला के शेयर करीब 7 फीसदी तक लुढ़क गए और 291.96 डॉलर तक पहुंच गए। यह गिरावट कंपनी के सीईओ एलन मस्क द्वारा एक नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा के बाद देखी गई।
एलन मस्क ने सप्ताहांत में ‘अमेरिका पार्टी’ के गठन का ऐलान किया। मस्क का कहना है कि यह पार्टी सीमित संख्या में सीनेट और हाउस की सीटों पर ध्यान केंद्रित करेगी। उनका कहना है कि यह पार्टी अमेरिकी सिस्टम में दक्षता बढ़ाने और पारंपरिक दलों से इतर विकल्प देने के मकसद से बनाई जा रही है।
सोशल मीडिया पर लिया जनमत, 65% लोगों ने किया समर्थनएलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोल किया था, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या उन्हें एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करनी चाहिए। इस पोल में लगभग 65 प्रतिशत यूजर्स ने उनके विचार का समर्थन किया। इसके बाद मस्क ने ‘अमेरिका पार्टी’ की औपचारिक घोषणा कर दी।
सोशल मीडिया पर लिया जनमत, 65% लोगों ने किया समर्थन
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोल किया था, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या उन्हें एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करनी चाहिए। इस पोल में लगभग 65 प्रतिशत यूजर्स ने उनके विचार का समर्थन किया। इसके बाद मस्क ने ‘अमेरिका पार्टी’ की औपचारिक घोषणा कर दी।
ब्रांड इमेज पर असर, निवेशकों की चिंता
एलन मस्क की राजनीतिक गतिविधियों और ट्रंप प्रशासन के साथ उनके रिश्तों ने निवेशकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। टेस्ला के शेयर पहले से ही दबाव में चल रहे थे और बीते छह महीनों में कंपनी का स्टॉक 20 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है। टेस्ला का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 488.54 डॉलर रहा है जबकि न्यूनतम स्तर 182 डॉलर तक भी पहुंच चुका है।

डिलीवरी में भी आई गिरावट
टेस्ला को कारोबारी मोर्चे पर भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालिया तिमाही में कंपनी की वाहन डिलीवरी में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, कंपनी को चीन की BYD समेत कई बड़ी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।
कारोबार पर लौटने की सलाह
पूर्व में एलन मस्क ने ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट इफिशिएंसी’ (DOGE) में भागीदारी दिखाई थी, लेकिन आलोचनाओं के बाद उन्होंने घोषणा की थी कि वह अब दोबारा अपने बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उस घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में कुछ हद तक रिकवरी देखी गई थी, लेकिन अब एक बार फिर राजनीतिक दखल से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।


