जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर 2025 को दिल्ली में होने जा रही है। इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें टैक्स रेट्स में कटौती और जीएसटी कानून में बड़े सुधारों पर चर्चा होगी।

क्यों है यह बैठक खास?
त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे समय में सरकार चाहती है कि बाजार में खरीदारी का माहौल बेहतर बने। अगर जीएसटी दरों में कमी होती है, तो मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और गिफ्ट आइटम जैसे सामान सस्ते हो सकते हैं। इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा और कारोबारी भी ज्यादा बिक्री कर पाएंगे। दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर लोग खरीदारी करते हैं, इसलिए टैक्स घटने से बाजार में रौनक बढ़ने की पूरी संभावना है।
तैयारी कैसे हो रही है?
मुख्य बैठक से एक दिन पहले यानी 2 सितंबर को अधिकारियों की मीटिंग होगी। इसमें जीएसटी सुधारों और टैक्स दरों से जुड़ा अंतिम खाका तैयार किया जाएगा। इसके बाद इसे काउंसिल की मीटिंग में रखा जाएगा।
बैठक में शामिल होने के लिए सभी राज्यों के वित्त मंत्री और नामित मंत्री को निमंत्रण भेजा जा चुका है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर सहित हर राज्य को इसकी जानकारी दे दी है। इसके अलावा सीबीआईसी (CBIC) चेयरमैन और जीएसटी नेटवर्क के सीईओ भी बैठक का हिस्सा होंगे।
कारोबार और आम जनता को उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस बार उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को राहत देने के मूड में है। महंगाई और सुस्त बाजार को देखते हुए टैक्स रेट्स घटाना सबसे बड़ा कदम हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो रोजमर्रा की चीज़ों से लेकर लग्जरी प्रोडक्ट्स तक कई सामानों की कीमतें घट सकती हैं।

इसलिए यह बैठक सिर्फ सरकार और कारोबारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़ी उम्मीदें लेकर आ रही है।
चित्र साभार: गूगल से


